Friday, June 15, 2012

Morning waLK...."सुबह की सैर"


"सुबह की सैर" भी गज़ब ह जनाब!! ......


"किसी की सेहत बना देती है और किसी का दिन तो किसी लाइफ "
     
                                         

 हालाँकि हो सकता हे की अपने सात फेरे ले लिए हो या फिर मेरी तरह वेटिंग लाइन में हो पर हाँ पिछले २३ बसंत में (२३ साल में ) मेने भी कुछ ख़ूबसूरत गार्डन के हजारो चक्कर काटे हे कभी भीलवाडा का   "लव गार्डन"  तो कभी जयपुर में कॉलेज का "कैम्पस लॉन" और दिल्ली का "राजोरी गार्डन" या अब बेंगलौर का "उडुपी गार्डन".... बस गार्डन बदलते हे चक्कर काटने वाला वही है 
और  इसीलिए शायद सुबह 05:30 से 06:30 के बिच का समय ऐसा निकलता हे की पूरा दिन उसी के हिसाब से गुजरता हे और वेसे भी अछी बात य़े हे की आपको कॉलेज में, ऑफिस में रोज-२ वही चेहरे देखने को मिलेंगे पर पर गार्डन में रोज कोई न कोई New Arrival जरुर दिखेंगी .......




जब भी हमारे कान में  "सुबह की सैर" नाम का य़े शब्द सुना देता है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में एक चित्र बन जाता हे की कुछ जक्कास लौंडे और क्यूट लेडिज लोन के चार ओर गुमते हुए नज़र आते है
जिनकी उम्र कम से कम  55 से तो ज्यादा होगी ओर वजन की कोई गारेंटी नहीं है य़े तो वो कुर्सी या सीट ही बता सकती है जिस पर य़े अक्सर विराजमान होते है ओर कुछ तो लोन में बेठकर ऐसे हँसते है जेसे रात भर उनकी  श्रीमती ने गुदगुदी चलाई हो ओर सुबह-2 अपने टोमी के साथ आई हो ओर गार्डन में य़े बोल के छोड़ गयी के ले पप्पू अब हसले जी भर के .....



वेसे जब पडोस में किसी कि शादी हो या उनके लडके ने टोप किया हो या पडोस वाले अंकल कि लॉटरी लाग जाये तब नही हसते हे ऐसे, ओर यहा देखो………  ओर कुच जनाब तो ऐसे हे कि दिनभर घर में सोफा तोडते हे ओर यहा गार्डन कि सीट्स ….. ओर excersie के नाम पे कभी लेफ्ट टर्न तो कभी राईट टर्न लेके पादते हे ….. सुबेह कि ओजोन गेस तो दूर, Oxygen कि भी वाट लगा देते हे ओर ज्यादा हुआ तो दो तीन ताली बजा ली वो भी इसलिये ताकी लोगो को लागे कि भाई, अभी अंकल यही हे

अच्छा अब बात करते हे उनकी जो उमर के हिसाब से तो adult (35-45) के हे पर अपने ऑफिस में अपने साथ वालीयो को इम्प्रेस करते वक्त सोचते हे अरे यार मे कही वो तो नही लग रहा हु “ मामू ” ओर फिर वही TeenAger बनने कि चाह में मोर्निंग- वाक नाम का टास्क अपने बीजी शिड्यूल में add कर लेते हे ओर हां वेसे तो ये लोग ऑफिस में बडे राजा हे कभी chair 120 डिग्री पे मोड कर कुचलते रहते हे तो कभी किसी के घर के सोफे को….ओर पूछो तो बोलते हे कुच नही जी बहुत थक गया हु थोडा आराम कर लु फिर वहा जाना हे ओर खाने के नाम पे तो जनाब हर वो चीज खा जायेंगे जो निगली जा सकती हे…. ओर कहते जायेंगे …मस्त बनाया हे थोडा ओर देना, कहेंगे भाभीजी आप खाना बहुत अच्छा बनाती हे अब तो हम आते जाते रहेंगे ओर इसी बहाने आप के हाथ से बने खाने का स्वाद भी चखणे का मोका भी मिल जायेगा ओर शादी पार्टी का पूछो हि मत …. यही सोच के जाते हे कि  जितने का दुल्हे/दुल्हन को गिफ्ट देना हे उससे दोगुना वसूल करना हे ओर इसी चक्कर में वजन जो हे मेट्रो ट्रेन कि स्पीड कि तरह कब 65 से 115 हो जाता हे ये भी एक आश्चर्य हे... ओर फिर नजर आता हे Morning Walk या Dieting वो ये कर नही सकते हे क्योंकी इनका तो नाम हि खाने का दुश्मन हे ना.. तो ये उसे केसे कम करदे.. और गार्डेन में आते हे मस्त PT shoes  और  Reebok का  XXL size वाला T-shirt पहनकर... वेसे इनका प्लान ये होता हे की कोई भी Excerise ऐसी नहीं करनी हे की जिससे पसीना आ जाये क्योंकि कपडे गंदे हुए तो Pintu की मम्मी की सुन्नी पड़ेगी वो भी फ्री में... 



और  जो Cool dude या कह लो Teen Agers हे वो Morning Walk में ज्यादा विश्वास नहीं करते क्योंकि उनके लिए तो गार्डेन शाम में अपने हमदम के साथ जाना और फिर वही सब Hidden Task Complete करना होता हे शायद इसी लिए इनके लिए एक नया मोर्निंग वाल्क का टाइप आया हे “GYM for Man cum Woman” और tag line “fuel for body”  जिसमे excersize के parts कम बल्कि mirrer और music disk ज्यादा मिल जाएगी अगर ज्यादा ही दोस्तों ने tont कसे तो बॉडी बनाने के लिए extra supplement ले लेंगे और कुछ बेचारी मुर्गियों के अंडे और मन हुआ तो कुछ बोतल Beer... और बस हो गया कम महीने दो महीने का बाद थोड़ी सी बॉडी बनी नहीं की शर्ट या टी-शर्ट को तो पास ही नहीं लगायेंगे और अगर कही सबसे ज्यादा टाइम स्पेंड करेंगे तो वो हे  Mirror के सामने  और gym में अपनों मशीन की सुई या अपने डम्बल  को देखने की बजाय अपने पास  वाले track पे धीरे- डोलती हुई new girl को देखने में ही gym का टाइम कब पूरा हो जाता हे पता ही नहीं लगता...

अछा इन सब के बाद भी कुछ exception आपको मोर्निंग वाल्क करते हुए मिलेंगे उसके भी कुछ reason हे
हो सकता हे की घर से मम्मी ने जबरदस्ती उठा के भेज दिया ये बोलके की जाओ Doggy को घुमा के ले आओ..और उसी के पीछे-२ गार्डेन की तरफ ले आया और वहां प्यारी से कन्या के दर्शन हो गये और यही सोच के रोज़ आने लगे की यार वो कब आती हे ? आज नहीं आयी ना .. कल पक्क्का  आएगी..

 या फिर  final  एक ही  reason  हो सकता हे..


जब GF  बोले की में तुमारी तरह गयम नहीं जा सकती में तो Morning walk  ही जाऊंगी ..  (actually उनका ये मानना ह की gym में तो सिर्फ 20 -30 ही audience होती हे  excersie करते time  पैर गार्डेन में तो कम से कम 100 तो हो ही जाते हे तो वो better  हे na).. और फिर बेचारा प्यार का मारा लड़का उसके चक्कर में उसके साथ साथ मोर्निंग वाल्क पे आने लगता हे

वेसे ये लोग Morning Walk से ज्यादा तो Morning Talk करते हे

चलो दोस्तों वेसे मुझे देर हो रही हे मोबाइल की घडी चेतावनी दे रही हे ...में निकला ....Morning Walk को..
आपका दिन शुभ रहे :)